मंगलवार, मार्च 14, 2017

ज़िन्दगी....

तम्रिसी ... खोट की महफ़िल ...
बुरा .... मेरा  खरा  होना !
सच की ..... फस्ल की खातिर...
ज़ुरूरी है ... सच को बोना !
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