बुधवार, नवंबर 30, 2016

मैं ख़ुश हूँ ......



ख़ुशी का ताल्लुक
नहीं होता
अमीरी - गरीबी से !
मिलें अगर दुःख
तो यूँ मान
मिले बदनसीबी से !
________________________ डॉ . प्रतिभा स्वाति




सोमवार, नवंबर 28, 2016

कह रही है फ़ेसबुक ....

 नित नई घोषणाएं !!!
रोज़  नए संशोधन !!!
______________________ फ़िर भी अपनी मज़बूरी को देशहित का नाम देकर आम जनता ने साथ दिया . लेकिन परिणाम  वही ढाक के तीन पात ! यदि ये हो रहा है तो इसमें आश्चर्य क्या है ?
_____________________ जनता जिस आस में ..... या कहें लोभ या लालच में अपना नेता चुनती है हर बार उसे मिलता है फ़रेब ! देखिये fb की एक झलक ....


शर्म करो बे काले धन मे भी आधा चाहिये ।थु
मोदी सरकार की कोई योजना भले ही सफल नही हुई लेकिन standup इंडिया काफी सफल रही ॥ देखिए न 20 दिनो से पूरा भारत लाइन मे खड़ा है...सुबह 4 बजे से लेकर रात 8 बजे तक...हर दिन...
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कालेधन पर ५० प्रतिशत जुर्माना बहुत ज्यादा है, जब २० प्रतिशत में बैंकों के पिछले दरवाजे से आसानी से नोट बदली हो रहे हैं, तब कोई किस लिये मुख्य दरवाजे पर आयेगा, अगर जुर्माना २५ प्रतिशत रखते तो बैंकों में भ्रष्टाचार खत्म होता साथ में पैसे भी बहुत आते और जो जनता का पैसा कालेकुबेरों को जा रहा है वो जनता को मिलता, अफरा तफरी भी कम होती !!

स्कुल के दिनो मे गणतन्त्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर नाटक तो हम भी करते थे लेकिन बिजेपी वालो ने तो हद करदी रोज नया नाटक

_______ अगर भाजपा के नेताओं को पता है कि कांग्रेस के शीर्ष परिवार के पास12 लाख करोड़ का कालाधन है तो उन्हें जेल में डालने के बजाय पूरे देश की ईमानदार जनता को लाइन में क्यों लगवाया?
Cashless ka to pataa nahi, but brainless chalu he..

__________Abhishek Rai सर इससे बड़ा पोथा लिखा जा सकता है..आप के सभी तर्कों को एक एक करके कुतरते हुए...पर विडम्बना यही है कि आप हमें भक्त कह देंगे...खैर आपके किसी को सपोर्ट करने पर आप भक्त न कहलाएं और हम कहलाएं ये वाला तर्क बड़ा ही अद्भुत और आलौकिक है...रही बात आपके पोस्ट की तो आपके बातों में ही चार से ज्यादा जगहों पर विरोधाभास है..खैर हमने तो एक जादूगर को राजा बना दिया है...न जाने कितनों को ठग रहा है और आगे ठगता रहेगा...हम ही दोषी हैं जो ऐसे ठग को पहचान न पाए...सारी सामाजिक विसंगतिया इसी ढाई साल में ही तो जीवित हुई हैं..इससे ठीक पहले हम रामराज्य भोग कर आए हैं..भगवान ही बचाए इस ठग से।




अब .... नि:शब्द

-------------------------- अब अगर खो जाऊ मै भी कभी  ! तो मुझे,
------------------------- ज़मी पर नहीं / सितारों में तलाश करना !

पहले / फूल
शब्द हो जाते थे !
अब / शब्द
फूल बन जाते हैं !
फूल और शब्द
इक-दूसरे के हैं
पूरक /अपनी बात
कहते हैं / हंसकर !
महककर !
_______________ अब न फूल .... न शब्द .....
_______________यकबयक ......
                              मैं ... हूँ ... नि : शब्द 
____________________________________ डॉ .प्रतिभा स्वाति


गुरुवार, नवंबर 24, 2016

हमको ऐसी सरकार चाहिए .....




हाथी से दांत ,
घड़ियाल से आंसू ,
उधार  चाहिए !
जय हो भक्तों, 
हमको ऐसी ही ,
सरकार चाहिए !


_________________  "मैं दूर  हूँ राजनीति से .. दूर .... बहुत  दूर !" इस एक वाक्य की व्याख्या मुझे  ही करने दीजिये _ कारण और परिणाम भी मैं ही ख़ुलासा करुँगी.... चाहे , सिलसिलेवार न सही !
___________ जब आध्यात्म - योग -धर्म -दर्शन - साहित्य चुना ,तब  राजनीति के लिए स्थान ही नहीं रहा ,यदि ये कह दूँ तब एक सच होगा :)
____________ दूसरा सच ये की नेता - पुलिस - पत्रकार की छवि उनके कारनामों  की वजह से जितनी  धूमिल हुई , इस वजह से  भी उस राह को ख़ुद के लिए मुनासिब नहीं समझा .... की कहीं साबका  ना पड़ जाए !
____________ मौके की नज़ाक़त को देखते हुए ,हमें अपनी प्राथमिकता तय कर लेनी चाहिए ! इसका ये तात्पर्य कदापि  नहीं की हम मौकापरस्त   हो जाएं :) 
_________ मैं किसी पार्टी की नहीं ,मेरा कोई नेता नहीं ----- पर देश मेरा है ,अधिकार मेरे हैं , उसीके तहत कुछ फर्ज़ और फ़राइज़ मेरे हैं ! मुझे  याद है .... की देशहित में मै क्या कर सकती हूँ ,आप भी याद रखिये !


जारी ...
___________ डॉ .प्रतिभा स्वाति


गुरुवार, नवंबर 17, 2016

500 - 1000 सखी .....


चूल्हा -चौका त्याग कर ,तुम तो लगीं  कतार सखी !
बच्चे भूख से  बिलख रहे , और रोते  हैं भरतार सखी !
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इतने दिन में देश का , बहुत हुआ उद्धार सखी !
वोट मांगने फ़िर यही ,आ जाएँगे व्दार सखी !
_____________________________ डॉ .प्रतिभा स्वाति

पांच  बरस की बात है , काहे को हलकान सखी !
समझौता है  जिंदगी ,मुख पे रख मुस्कान सखी !

_____________________ ये सखि -वार्ता जारी रहेगी , gv me a brck plz










शनिवार, नवंबर 12, 2016

देशहित में चाहिए ------- 100 के नोट


___________ एक होती है प्लानिंग --------- और अंत में होता है रिज़ल्ट
__________ मै 1000 , 500 ,या 2000 की बात नहीं कर रही ....
____________लेकिन आज हर निचले तबके के पास है 100 की गड्डी , जिसे वो 2000 के छुट्टे के रूप में एक्सचेंज नहीं करेगा !
________ हमारी  हर काम की शुरुवात ------ दूध / फल /सब्ज़ी /ऑटो /किराना से यदि है ....यदि हम मध्यम वर्ग से हैं --------------------- तो हमे चाहिए 100 के नोट !
___________
__________डॉ .प्रतिभा स्वाति 

लो आ गए हम .....


ज्यादा  प्रसन्न न हों , ये नकली नोट है !
__________आजकल समाचार और अफ़वाह में मामूली फ़र्क रह गया है  यदि ऐसा है भी तो .... किम आश्चर्यम ? मै लिंक दे रही हूँ  ---------- आप अपने विवेक से काम लें . जयहिंद !



गुरुवार, नवंबर 03, 2016

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